बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत! अब 1 दिन बिल लेट हुआ तो पूरे महीने का नहीं, सिर्फ 1 दिन का लगेगा सरचार्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। बिजली बिल जमा करने में अब अगर एक-दो दिन की देरी होती है, तो पूरे महीने का विलंब शुल्क नहीं देना पड़ेगा। नए नियम के तहत अब जितने दिन बिल लेट होगा, उतने ही दिनों का ही सरचार्ज लगाया जाएगा।
पहले बिजली बिल जमा करने में महज 1-2 दिन की देरी होने पर भी उपभोक्ताओं से पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत विलंब शुल्क वसूला जाता था। उदाहरण के तौर पर 4,000 रुपये के बिजली बिल पर एक दिन की देरी होने पर भी 60 रुपये तक का सरचार्ज लग जाता था। नई व्यवस्था से ऐसे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
नए नियम में कैसे लगेगा विलंब शुल्क?
नई व्यवस्था के मुताबिक अब विलंब शुल्क 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लगाया जाएगा। यानी 4,000 रुपये के बिल पर:
- 1 दिन की देरी: करीब ₹1.60 सरचार्ज
- 10 दिन की देरी: करीब ₹16 सरचार्ज
- 30 दिन की देरी: करीब ₹48 सरचार्ज
इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा उन उपभोक्ताओं को होगा, जिनका भुगतान किसी तकनीकी कारण, बैंकिंग देरी या अन्य वजह से एक-दो दिन आगे खिसक जाता है।
स्मार्ट मीटर में भी बड़ा बदलाव
बिजली व्यवस्था में स्मार्ट मीटर को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब स्मार्ट मीटर में मैन्युअल रीडिंग की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। मीटर से हर आधे घंटे में बिजली खपत का डेटा सीधे सर्वर पर भेजा जाएगा।
इसी डेटा के आधार पर बिलिंग की प्रक्रिया ऑटोमेटिक होगी। इससे मीटर रीडिंग में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ने के साथ गलत रीडिंग की शिकायतों में भी कमी आने की उम्मीद है।
एडवांस बिल भुगतान करने वालों को झटका
जहां विलंब शुल्क में राहत दी गई है, वहीं एडवांस में बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत कुछ कम हुई है। पहले एडवांस भुगतान पर 1.25 प्रतिशत की छूट मिलती थी, जिसे अब घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया है।
यानी बिजली बिल समय से पहले जमा करने पर मिलने वाली छूट अब पहले की तुलना में कम होगी। इस तरह नई व्यवस्था में एक तरफ देर से भुगतान करने वालों को राहत मिली है, तो दूसरी तरफ एडवांस भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं का लाभ घटा है।
65 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर उन घरेलू उपभोक्ताओं को इससे सीधा फायदा होगा, जिन्हें बिल की अंतिम तारीख निकलने के कारण पहले पूरे महीने का सरचार्ज देना पड़ता था।
